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	<title>Hindi short stories, poetry and blogs &#187; Random</title>
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	<description>Veena Vij Udit&#039;s writings in Hindi</description>
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		<title>Films n&#8217;Radio Programmes I did</title>
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		<pubDate>Fri, 29 Jul 2011 08:11:48 +0000</pubDate>
		<dc:creator>Veena</dc:creator>
				<category><![CDATA[Random]]></category>

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		<description><![CDATA[कुछ फिल्मों में काम किया था &#124; दबाव था कि ,आप मुम्बई में रहें , यह संभव नहीं था, क्योंकि मेरी प्राथमिकता मेरा परिवार था &#124;खैर, ८० के दशक में शायद १९८८ में मैंने पहली फिल्म की &#124;- १&#8211;सन्-१९८८&#8211;पंजाबी फिल्म&#8211;&#8221;पुर्जा-पुर्जा कट मरे&#8221; ड़ायरेक्टर-सुरेन्दर साहनी , मेन कास्ट-गुग्गू गिल और उपासना सिंग, शूटिंग &#8211;काहलों गाँव में [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>कुछ फिल्मों में काम किया था | दबाव था कि ,आप मुम्बई में रहें , यह संभव नहीं था, क्योंकि मेरी प्राथमिकता मेरा परिवार था |खैर, ८० के दशक में शायद १९८८ में मैंने पहली फिल्म की |-</p>
<p>१&#8211;सन्-१९८८&#8211;पंजाबी फिल्म&#8211;&#8221;पुर्जा-पुर्जा कट मरे&#8221;<br />
ड़ायरेक्टर-सुरेन्दर साहनी , मेन कास्ट-गुग्गू गिल और उपासना सिंग, शूटिंग &#8211;काहलों गाँव में हुई थी |</p>
<p> २&#8211;&#8221;खेड़ मुकदरां दे&#8221;&#8211;पंजाबी फिल्म<br />
कास्ट-दारा सिंग आदि , शूटिंग-कपूर्थला में हुई थी |</p>
<p>३&#8211;&#8221;वारिस&#8221;&#8211;पंजाबी फिल्म<br />
मेन कास्ट-गुग्गू गिल और सरबजीत मांगट , हीरो की माँ का रोल , शूटिंग-&#8217;गोइंदवाल साहेब में हुई थी |</p>
<p>४&#8211;&#8221;पंछी&#8221;&#8211;पंजाबी फिल्म<br />
मेहर मित्तल , यश शर्मा आदि , शूटिंग -बंगा + नवा शहर में हुई |</p>
<p>५&#8211;&#8221;असी तेरे कि लगदे&#8221;&#8211;पंजाबी फिल्म<br />
सरस्वती कला मंदिर प्राँड़क्शन्स<br />
निर्माता-बी.ड़ी शर्मा , निर्देशक-दीपक धीमाण<br />
माँ का रोल</p>
<p>६&#8211;&#8221;फूलों की चुभन&#8221;, हिन्दी फिल्म<br />
सन्धू प्राँड़क्शन्स , रोल-मास्टर जी की पत्नी (अधूरी)</p>
<p>७&#8211;&#8221;कोयल&#8221;-हिन्दी फिल्म (बौली वुड़ फिल्म)<br />
संजय शर्मा प्रोड़्यूसर , गौतम शर्मा-ड़ायरेक्टर<br />
मेन कास्ट&#8211;अरमान कोहली , देवयानी , सुरेश ओबेराँय , सईद जाफरी , राम मोहन , शम्मी , राजेन्द्रनाथ ,वीना विज , रमना वधावन  ,स्वाति विज आदि<br />
शूटिंग&#8211;चम्बा, खजियार और ड़लहौजी में हुई सन्-१९९२ में |</p>
<p>रेड़ियो-प्रोग्राम्सः-</p>
<p>१-सन्-१९९३में १९ अक्टूबर को&#8211;पंजाबी ड़्रामा , &#8220;अखियाँ&#8221;</p>
<p>२&#8211;सन्&#8211;१९९४ , में १५ मार्च को , हिंदी नैशनल ड़्रामा , &#8220;स्वप्न वासवदत्ता&#8221;</p>
<p>३&#8211;सन्&#8211;१९९४ में २४ जून को&#8211;हिन्दी नैशनल प्ले &#8221; मालिया&#8221;</p>
<p>४&#8211;सन्&#8211;१९९६ में , ४ अप्रैल को&#8211;हिन्दी प्ले , &#8220;सूरज को आने दो &#8221;</p>
<p>५&#8211;सन्&#8211;१९९७ में , २८ जून को , हिन्दी नैशनल प्ले , &#8220;ज्वालामुखी&#8221;</p>
<p>६&#8211;सन्-१९९९ में २३ फरवरी को , &#8220;काव्यधारा-प्रोग्राम &#8221; में अपनी लिखी कविताएं पढीं |</p>
<p>बाकि प्रोग्राम्स का मेरे पास रिकाँर्ड़ नहीं मिला |शायद रेड़ियो -स्टेशन से मिले |</p>
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		<title>स्लम-डाँग</title>
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		<pubDate>Thu, 19 Mar 2009 19:33:11 +0000</pubDate>
		<dc:creator>Veena</dc:creator>
				<category><![CDATA[Random]]></category>

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		<description><![CDATA[आज मैरीलैंड में एक नया स्वरूप देखने को मिला &#124;मेरे भांजे का एक अमेरिकन दोस्त अपनी सौतेली माँ को बोला&#8217;, शी इज़ अ कनेडियन बिच &#8216;&#124;बहुत तरक्की पर है अमेरिका, किन्तु संस्कारों की धरोहर के मामले में कितना ग़रीब! बाप ने दूसरी शादी की, क्योंकि घर में दो बेटे थे, उनकी माँ उन्हें छोड़कर जा [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p> आज मैरीलैंड में एक नया स्वरूप देखने को मिला |मेरे भांजे का एक अमेरिकन दोस्त अपनी सौतेली माँ को बोला&#8217;, शी इज़ अ कनेडियन बिच &#8216;|बहुत तरक्की पर है अमेरिका, किन्तु संस्कारों की धरोहर के मामले में कितना ग़रीब! बाप ने दूसरी शादी की, क्योंकि घर में दो बेटे थे, उनकी माँ उन्हें छोड़कर जा चुकी थी |दूसरी माँ उन बच्चों को ग़लत काम करने से रोकती है, तो वह &#8216;औरत&#8217; की जगह &#8216;बिच&#8217;(कुत्ती) कहलाती है |हम भारतीयों के बच्चे स्लम में पलते हैं, इसलिए वे गंदी भाषा बोलते हैं |ग़ाली- गलौज करते हैं |इनको यह तमाशा लगता है और जिन्होंने इसे पेश किया , उसे &#8216;अकाडमी अवार्ड &#8216;दिया जाता है |ये भूलते हैं कि जब हम किसी की ओर एक उंगली उठाते हैं ,तो तीन उंगलियाँ हमारी ओर भी उठती हैं, जो इंगित करती हैं कि स्वयं को भी देख लो |ये स्वयं को क्यों नहीं सँभालते ?</p>
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