Archive for the ‘Random’ Category

अमरनाथ श्राईन बोर्ड ज़मीन

Sunday, August 24th, 2008

>коли под наемĮरनाथ श्राईन बोर्ड ज़मीन जब एक बार पी डी पी ने सर्व सहमति से दे दी थी, तो उसे वापिस ले लेना कहाँ का इन्साफ़ है? यह तो यूं हुआ कि किसी की झोली में दान डालकर वापिस ले लेना |इस सारे खेल के पीछे क्या साजिश चल रही है, यह तो आनेवाला […]

सुदर्शन फ़ाकिर-एक दर्द भरा शायर

Monday, February 25th, 2008

सुदर्शन फ़ाकिर-एक दर्द भरा शायर अब जहाँ को अलविदा कह गया है |१८ फरवरी ‘०८ की रात के आग़ोश में उन्होंने हमेशा के लिए पनाह ले ली |वो सोच जो ज़िन्दग़ी, इश्क , दर्दो-ग़म को इक अलग नज़रिये से ग़ज़लों के माध्यम से पेश करती थी, वह सोच सदा के लिये सो गई |बेग़म अख़्तर […]

महाराष्ट्र नवनिर्माण

Tuesday, February 12th, 2008

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना-पार्टी का नाम सौ सपने दिखानेवाला, और काम..?इसमें कहीं ताल मेल नहीं बैठता है | ग़ैर-मराठी लोगों के बहिष्कार की बात महाराष्ट्र नव- निर्माण करनेवालों के मुँह से तो कतई शोभा नहीं देती |राष्ट्र के किसी भी हिस्से में लोग निरापद नहीं रह सकते , यह कैसे सम्भव है |राज ठाकरे आखीर किस […]

थ्रोड रोल्स (रोटी फेंकने) का एकमात्र कैफे

Saturday, January 12th, 2008

बेहद अटपटा सा लगता है सुनकर कि चलो वहाँ चलकर खाना खाया जाए जहाँ रोटी फेंककर दी जाती है |क्या तमीज़ है? लोग तो जानवर को भी प्रेम भाव से रोटी खिलाते हैं,और यहाँ फेंकी हुई रोटी खाने का शौक चर्रा रहा है |अमेरिका के मध्य में दक्षिणी तटवर्तीय प्रदेश अलेबामा गल्फ कोस्ट कहलाता है […]