Archive for the ‘Hindi Short Stories’ Category

लम्हों का छोर

Wednesday, January 18th, 2017

वक्त ने खो दिए वो लम्हे जो मेरे अपने थे जिन्हें संजोया था मैंने जिनमें मैंने चलने का उपक्रम किया कदम-कदम आगे बढ़ी कंकर-पत्थर चुभ-चुभ गये पावों के छाले रिसे अवरोधों पर अंकुश ना लगा नरम दूब की गुहार लगाते लम्हे तलाशते -फिरते रहे उम्र भर उन लम्हों का छोर ना मिला । वीणा विज […]

आधे सच (लघु कथा )

Wednesday, July 27th, 2016

Nowadays mostly medical professionals are becoming butchers.No humanity , no sentiments for patients.

विश्वास की जीत। (लघु कथा )

Tuesday, July 26th, 2016

Always have faith in a noble person.

मोह के धागे

Tuesday, May 3rd, 2016

the intensity of relations changes with the passage of time.

साँझी

Saturday, September 5th, 2015

साँझी सृष्टि एक समष्टि है,अतःमानव की संरचना स्वतन्त्र और अभिव्यक्त कर्म है ।पंचभूतों में प्राणप्रतिष्ठा सृष्टि का एक अद्वितीय चमत्कार है ।कर्मों के लेखे जोखे ही पुनर्जन्म  सुनिश्चित करते हैं । वही आत्मा नवीन देह में प्रविष्ट होकर भी जब विगत जन्म की  स्मृतियाँ किसी कारणवश सभ्य समाज के सम्मुख लाती है तो अचंभित  कर […]

शुचिता ..संबंधों की

Sunday, June 28th, 2015

http://www.veenavij.com/%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80/

शुचिता ..संबंधों की

Thursday, June 25th, 2015

http://www.veenavij.com/%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80/

नन्ही चीखें

Sunday, January 11th, 2015

चारों ओर से तेज रोशनी का प्रकाश और लाल रंग का आधिपत्य ।उफ़ यह तो लाल खून है । दीवारों पर लाल छींटे तो धरा पर लाल -लाल बिखरा कीच । वहीं इस कीच के मध्य नन्हे -नन्हे नंग -धड़ंग ढेरों भ्रूण हैं और नवजात शिशु भी खून से लिपटे हाथ-पाँव मार -मार कर चीत्कार कर […]

तुरपाई एवम् अन्य कहानियाँ…

Sunday, November 30th, 2014

तुरपाई ..की कहानियाँ आज के दौर में संबंधो में आई तब्दीलियों को पकड़ने का प्रयास  करती हैं , और उन मुद्दों का संवेदनात्मक बोध कराने की तरफ अग्रसर हुई हैं। इसमें 20 कहानियाँ हैं। नई संभावनाओं के संकेत देखिए… Turpai and Other Stories (तुरपाई तथा अन्य कहानियाँ) – Hindi Short Stories By Veena Vij तुरपाई […]

वक्त की तपिश

Saturday, November 8th, 2014

चार दिन हो गए थे बारिश रुकने का नाम नही ले रही थी । बिजली भी कभी आती , कभी चली जाती थी । जीवन अस्त व्यस्त हो गया था । दुकाने बंद ,स्कूल बंद, सारा कारोबार ठप हो गया था ।पानी के शोर में सब अवाजे विलीन हो गई थी ।बारिश का ऐसा कहर […]