Archive for the ‘Hindi Poetry’ Category

इक बार

Tuesday, May 23rd, 2017

इक बार मोहब्बत हमें भी ढूंढ्ते-ढूंढते नामो-पता, रहगुज़र पूछने आई | चोरी-चुपके ना जाने कब दिल में समा चैन-ऑ-अमन उडाया नींदें भी उडाईं | वाबस्ता नैनोंसे दिल की धडकन बढा चिंगारी लगा, प्रेम-अगन देखने आई | अल्साई ही थी चाँदनी मोगरे के फूल पे कि बैरी भँवरे ने गुंजन से निंदिया उडाई| पाटल खुलते ही […]

उनींदे ख्वाब

Thursday, May 18th, 2017

one can not get relieved from his past .It may be gud or bad .Even then there is a ray of hope, to get blissful sleep.

कैसी टूटन

Tuesday, January 17th, 2017

You can harm to me the maximum .But my inner self wil awake and will give me peace and bliss .Then there will be no hard feelings for you.

कराह रही दीवाली

Wednesday, October 26th, 2016

In foreign country you miss your religious and cultural functions.DIWALI is the main festival , when you remember your motherland ,and recall your childhood celebrations.It seems as your inner self is sobbing on that very day

इंतहा-ए-दीवानगी

Monday, July 25th, 2016

When someone is deeply in love with a person or a pure soul, he is passionate for it.

एक गरिमा भरो गीत में

Tuesday, September 29th, 2015

गीतिका मासूम कुम्हलाई हुई गीत संपुटित विहँस रहा नीरवता चहुँ ओर छाई हुई काव्य उदासित सहम रहा । दर्द भरी अंत:करण की गहराई मानव-तन दर्द से बिलख रहा असंतोष चिंता व्याप्त हर थाई काव्य तन से उजास मर रहा। उठो एक गरिमा भरो गीत में तृप्ति हो धरा से अंकुरित बीज में चहकता-फुदकता ज्यूं जीवित […]

सूरज का टुकड़ा

Thursday, September 17th, 2015

http://www.veenavij.com/%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%9c%e0%a4%be/?preview=true

सूरज का टुकड़ा

Tuesday, September 15th, 2015

मेरे बदन की दरो-दीवारों को छूता इक सूरज का टुकड़ा तिरस्कृत कर अन्धकार की काया आगे सरक-सरक जाता ठहरता, कभी बतियाता तो उसकी माया जान पाता बादलों से ऊँची मीनारों पे रहने वाला धरा के कण-कण को टटोले तो जाने उसके आलिंगन की प्यासी स्याह रात पाश में बद्ध गंवाती अपना आपा वक्त की परतों […]

हिंदी का संघर्ष

Thursday, June 25th, 2015

आज हिंदी को जो पद मिला है उसके लिए हिंदी भाषा ने कैसे संघर्ष किया ।

हिंदी का संघर्ष

Sunday, May 31st, 2015