Archive for December, 2013

कोई अपना

Friday, December 27th, 2013

मदमस्त बहती बयार की हल्की सी आहट से खिड़की के दोनो पल्ले पूरे खुल गए | भोर होने में अभी काफी देर थी | शांत व संयत बहती शीतल पवन के ताजे झोंके से डा. अवनि का क्लांत व थका चेहरा धीमे से मुस्कुरा उठा | आज पुनः बहुत कश्मकश के पश्चा वो एक नव […]

धुएं की लकीर

Wednesday, December 18th, 2013

( यह कहानी अमेरिकन पृष्ठभूमि पर लिखी गई है ) दोपहर से उसका पार्थिव शरीर कमरे के बीचों-बीच कालीन पर पड़ा है | घर में कोई भी नहीं है | उसकी आत्मा अभी वहीं मंडरा रही है | मानो शरीर पर से कपड़े उतारने की तरह उसने शरीर को छोड़ा हो | उसे कोई नहीं […]

रचना-धर्मिता

Monday, December 9th, 2013

अपने प्रबुद्ध पाठकों के समक्ष पुनः एक कहानी-संग्रह लेकर उपस्थित हूँ | इनमे कुछ विशेष क्षणों , किसी विशेष मनःस्थिती और किसी विचार विशेष से संलग्न सत्य हैं , जो हमारे सामाजिक परिवेष में व्याप्त हैं | एक दौड़ती लहर के वह गति-चित्र भी हैं , जो आपको लक्षित हो जाएं और आपके भीतर विचारों […]

शहरी जानवर (लघु कथा)

Monday, December 9th, 2013

नदी के ऊपर की पहाड़ी पर घास चरते भेड़ -बकरियों के झुँड से अचानक एक बड़े बकरे की टाँगें फिसलने से वो बहुत ऊँचाई से नदी में गिर पड़ा | उसके चरवाहे ने ऊपर से ही देखा कि पार कुछ लोग बैठे हैं | उसे लगा मेरे पहुँचने तक वे ज़रूर उसे बचा लेंगे | […]

माप दण्ड(लघु कथा)

Monday, December 9th, 2013

आपके पापा घर में हैं ? जी, नहीं | आप बैठिए|वो दस मिनिट में पहुँचते होंगे |छोटी को स्कूल लेने गए हैं | ए.सी कार से बाहर आ, भीतर चलते पंखे की गर्म हवा में पसीने से नहाते उस सम्भ्रान्त दिखते मियाँ-बीवी ने पूछा | पुनः बोले, क्या वो स्क़ूटर पर गए हैं? जी नहीं […]

विस्फोट

Friday, December 6th, 2013

The after effects of bomb-blast. How a girl had to bear the sex assault by an unknown in the darkness of the destruction.

पुनर्जीवा

Tuesday, December 3rd, 2013

how to save and safeguard girl child.