Archive for May, 2011

पंजाबी —जुर्रत!

Saturday, May 14th, 2011

The wandering souls and the dark nights are always together.Without body the soul n without moon the nights are incomplete.They boldly dare to become sisters with the same type of grief n lackness.

मेरी चुनिंदा पंजाबी कविताएं—-चरीटां दी चीख़

Saturday, May 14th, 2011

When the Heart is tortured , the unvisible pains are felt throughout the body.

ठहराव

Tuesday, May 10th, 2011

Never carry the ideas n thoughts of young age.It changes with the time.Face the reality, and accept it.Then be happy.

ग़ज़ल-मौत भी शायराना चाहता हूँ !

Sunday, May 8th, 2011

फ़िदा हुस्नो-जमाल पर तेरे ऍ मेहज़बीं दीदारे-हुस्न से सकूने-दिल चाहता हूँ.. भटकता कूए-यार में फिरूँ इश्को-सितम उठाना चाहता हूँ.. रफ्ता-रफ्ता चल पड़े हैं, सहरे-आगोश में रस्मे-वफ़ा आजमाना चाहता हूँ.. दीवानग़ी में डूबकर मुर्शिद मेरे दस्तूरे-वफ़ा निभाना चाहता हूँ.. तेरी रुसवाई की ख़लिश है सीने में ख़लिश मरकर मिटाना चाहता हूँ.. सामने बैठो सरे-बज़्म ,तकते रहो […]