समाधान

पल्लवी ने काँलेज से आकर मेज पर किताबें पटकीं तो उसकी नज़र घर की साफ- सुथरी सज्जा पर ठहर गई |उसे लगा अवश्य ही कोई विशेष बात है, जो घर को सजाया गया है |माँ को पुकारती वो रसोई की ओर चली गई |रसोई से आती महक से उसका शक़ यकीन में बदलने लगा |माँ नई प्लेटों में नाश्ते का सामान परोस रही थी |पल्लवी को देखते ही बोली, ‘आ गई! चल जल्दी से तैयार हो जा |वो नया गुलाबी सूट पहन ले, बहुत सुन्दर दिखती है तूं उसमें’|’पर क्यों माँ?-पल्लवी ने पूछा |तेरी नीरजा मौसी के रिश्तेदार हैं–उनका बेटा पी. डबल्यू. डी में एस.डी.ओ के पद पर लगा है, वो किसी काम से यहाँ आया है |नीरजा ने हमसे मिलने को कहा, तो वह यहाँ आ रहा है |क्या पता….और बात अधूरी छोड़कर माँ काम में लग गई |आगे………..समाधान Samaadhaan

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