मोह-भंग

धूप की हल्की तपिश ज़िस्म को सेंक देने लगी, तो नीता की आँख लग गई |प्रवेश की शादी के बाद बहू गिन्नी ने घर अच्छी तरह सँभाल लिया था |बड़ी बहू ने तो बेटा ही अमेरिका में रख लिया था, जो वहीं की थी |मझली काफी तेज़ थी |मँझले बेटे आशीष के कुछ दोस्त आस्ट्रेलिया चले गए थे, उसने भी वहीं जाने की ज़िद ठान ली |सो वे दोनो वहीं बसने चले गए थे | मोह-भंग Moh Bhang

Be Sociable, Share!

Comments are closed.